बाबा जयगुरुदेव जी के सत्संगों में केवल नाम-साधना, सतगुरु और सदाचार की बातें ही नहीं होती थीं, बल्कि समय और समाज में आने वाले परिवर्तनों को लेकर भी अनेक बातें कही गईं।
इनमें से कुछ वचन तत्कालीन परिस्थितियों से जुड़े हैं, जबकि कुछ आने वाले समय में होने वाले परिवर्तन, समाज, राजनीति, प्रकृति, शिक्षा, भोजन और मानव जीवन से संबंधित हैं।
इन 58 भविष्यवाणी-वचनों को पढ़ते समय एक बात ध्यान में रखना आवश्यक है—ये बाबा जयगुरुदेव जी से जुड़े प्रकाशित कथन हैं। यहाँ इन्हें बाबा जी के कथन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है; इनकी भविष्यवाणी-संबंधी सत्यता का स्वतंत्र दावा इस लेख में नहीं किया जा रहा है।
भविष्यवाणियों के बारे में बाबा जयगुरुदेव जी का प्रसंग
भविष्यवाणियों के विषय में एक महत्वपूर्ण प्रसंग भी मिलता है। उसमें बताया गया है कि अलग-अलग लोग ज्योतिष, नक्षत्रों अथवा अन्य आधारों से भविष्य की बातें बताते रहे हैं और उनकी बातें कभी सही तो कभी गलत भी हुई हैं।
सन् 1962 में अष्टग्रही योग को लेकर बड़ी आशंकाएँ व्यक्त की गई थीं। उस समय बाबा जयगुरुदेव जी ने कानपुर के सत्संग में लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी।
इस प्रसंग से यह बात सामने आती है कि बाबा जी भविष्य के विषय में कही जाने वाली प्रत्येक बात को एक ही दृष्टि से देखने के पक्ष में नहीं थे।

बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
अब इन वचनों में आने वाले प्रमुख विषयों को क्रम से देखते हैं।
1. महान आत्मा का जन्म
एक वचन में कहा गया है कि भारतवर्ष में एक महान आत्मा का जन्म हो चुका है।
2. अमेरिका और चीन
एक भविष्यवाणी में अमेरिका और चीन के बीच संघर्ष तथा उसके गंभीर परिणामों की बात कही गई है। इसमें चीन को भारी नुकसान होने और भारत द्वारा सहायता किए जाने का उल्लेख है।
3. आसपास के देशों में परिवर्तन
एक वचन में नेपाल, बर्मा, पाकिस्तान, लंका और तिब्बत जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में बड़े राजनीतिक परिवर्तन तथा भारत के साथ उनके संबंधों में परिवर्तन की बात कही गई है।
4. मुस्लिम देशों में संघर्ष
एक भविष्यवाणी में मुस्लिम देशों के बीच बड़े संघर्ष की बात कही गई है और आगे चलकर शाकाहार तथा सदाचार की ओर परिवर्तन का उल्लेख है।
इस तरह के धार्मिक और सामुदायिक दावों को हम यहाँ बाबा जी से जुड़े प्रकाशित वचन के रूप में ही प्रस्तुत कर रहे हैं, किसी समुदाय के बारे में वर्तमान तथ्य या निष्कर्ष के रूप में नहीं।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
5. बच्चों में परिवर्तन
एक वचन में आने वाली पीढ़ी के बच्चों के भीतर परिवर्तन की इच्छा जागने और एक महान आत्मा द्वारा उन्हें संगठित किए जाने की बात कही गई है। आगे कहा गया है कि ये बच्चे देश और दुनिया में परिवर्तन ला सकते हैं।
6. सच्चे और ईमानदार लोगों का समय
एक भविष्यवाणी में कहा गया है कि आगे ऐसा समय आएगा जब ईमानदार, धार्मिक और सच्चे लोगों को महत्व मिलने लगेगा तथा कपटपूर्ण आचरण करने वालों के बुरे दिन आएंगे।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
7. समाचार-पत्रों में परिवर्तन
एक वचन में समाचार-पत्रों में परिवर्तन की बात कही गई है। सेवा, त्याग, साहस, उदारता और मानवता से संबंधित समाचारों को महत्व मिलने की बात कही गई है।
8. कठिन समय
एक भविष्यवाणी में ऐसा समय आने की बात कही गई है जब मनुष्य को मनुष्य का सहारा मिलना कठिन हो जाएगा।
9. बढ़ते टैक्स और महँगाई
एक वचन में टैक्स बढ़ने और वस्तुओं के महँगे होने की बात कही गई है तथा गरीब किसान, मजदूर और निम्न वेतन पाने वाले लोगों पर इसका अधिक बोझ पड़ने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
10. भारत-पाकिस्तान संघर्ष
एक भविष्यवाणी में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष तथा पाकिस्तान के भविष्य में बड़े परिवर्तन की बात कही गई है।
11. गरीबी
एक वचन में 1970 से 1980 के समय को भारत की गरीबी के संदर्भ में कठिन समय बताया गया है।
12. विश्व में बड़ा संघर्ष
एक भविष्यवाणी में विश्व में बड़े विनाशकारी संघर्ष की बात कही गई है तथा उसके कारण जनसंख्या में भारी कमी होने का उल्लेख है।
13. राजनीतिक जीवन और खान-पान
एक वचन में कहा गया है कि जो राजनीतिक लोग मांस, मछली, अंडा तथा नशे आदि का सेवन नहीं छोड़ेंगे और अनैतिक गतिविधियों में लगे रहेंगे, उन्हें जनता के समर्थन से वंचित होना पड़ेगा।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
14. एम.पी. और एम.एल.ए. के नाम
एक भविष्यवाणी में आगे चलकर एम.पी. और एम.एल.ए. के नाम बदलने की बात कही गई है।
15. परिवार नियोजन
एक वचन में परिवार नियोजन, गर्भपात और नसबंदी को लेकर कठोर विचार व्यक्त किए गए हैं और भविष्य में परिवार नियोजन बंद होने की बात कही गई है।
16. जन-जागरण
एक भविष्यवाणी में भारत में बड़े पैमाने पर जन-जागरण और उसके बाद एक बड़े सामाजिक मंच के बनने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
17. किसानों का कर्ज
एक वचन में किसानों के सरकारी और गैर-सरकारी कर्ज माफ होने की बात कही गई है।
18. शिक्षा और संस्कृत
एक भविष्यवाणी में बच्चों को संस्कृत पढ़ाने और आगे चलकर भाषा तथा रोजगार व्यवस्था में बड़े परिवर्तन की बात कही गई है।
19. पशु हत्या पर रोक
एक वचन में भारत में गायों को काटना बंद होने तथा पशु हत्या पर रोक की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
20. शाकाहारी और सदाचारी नेतृत्व
एक भविष्यवाणी में भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शाकाहारी तथा सदाचारी होने की बात कही गई है।
21. समाज में नैतिक गिरावट
एक वचन में आने वाले समय में स्त्री-पुरुषों और बच्चों के चरित्र में गिरावट तथा मांस, मछली, अंडे और नशे के बढ़ते सेवन की बात कही गई है।
22. चारों दिशाओं में संघर्ष
एक भविष्यवाणी में पहले पूर्व, फिर पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में नरसंहार तथा बाद में चारों दिशाओं में लड़ाई की बात कही गई है।
23. मांस-मछली की दुकानों पर रोक
एक वचन में भविष्य में मांस, मछली और अंडों की दुकानों को बंद किए जाने तथा होटल और रेलगाड़ियों में इनके बिकने पर रोक की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
24. युद्ध और विनाश
अगले वचनों में युद्ध, विनाश और बड़े संघर्षों से जुड़े संकेत दिए गए हैं।
25. नई बीमारियाँ
एक भविष्यवाणी में आँखों की बीमारी और ऐसी नई बीमारियों के आने की बात कही गई है जिनका उपचार समझना कठिन होगा।
26. फिल्मों में परिवर्तन
एक वचन में नग्न सिनेमा बंद होने तथा चरित्र निर्माण के लिए धार्मिक चित्रों को दिखाए जाने की बात कही गई है।
27. ब्याज
एक भविष्यवाणी में ब्याज की सीमा तथा अमीरों की संपत्ति को जबरन न लेने की बात कही गई है।
28. राजधानी में परिवर्तन
एक वचन में दिल्ली से राजधानी हटने तथा नई राजधानी के निर्माण और संविधान निर्माण से जुड़ा एक भविष्य-दृश्य प्रस्तुत किया गया है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
29. होटलों में अश्लील नृत्य
एक भविष्यवाणी में होटलों में महिलाओं के नग्न नृत्य बंद होने की बात कही गई है।
30. वृद्ध और अपाहिजों की सहायता
एक वचन में ऐसे वृद्ध और अपाहिज लोगों के जीवन-निर्वाह के लिए राजकोष से व्यवस्था होने की बात कही गई है जिनका कोई सहारा नहीं है।
31. विदेशी पहनावे में परिवर्तन
एक भविष्यवाणी में भारत के लोगों द्वारा विदेशी पहनावे का त्याग करने की बात कही गई है।
32. बांग्लादेश
एक वचन में भविष्य में बांग्लादेश में बड़े परिवर्तन और उसके भारत से जुड़ने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
33. पहचान-पत्र
एक भविष्यवाणी में भारत में आइडेंटिटी कार्ड के नियम लागू किए जाने को आवश्यक बताया गया है।
34. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चुनाव के संबंध में
एक भविष्यवाणी में कहा गया है कि भविष्य में राष्ट्रपति का चुनाव शाकाहारी लोगों द्वारा किया जाएगा, केवल सदस्यों द्वारा नहीं। वहीं प्रधानमंत्री का चुनाव सदस्यों द्वारा किए जाने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
35. भारत का संविधान
एक वचन में कहा गया है कि भारत का संविधान अन्य राष्ट्रों में भी लागू किया जाएगा।
36. राजनीतिक दलों के बारे में
एक भविष्यवाणी में ऐसा समय आने की बात कही गई है जब अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग कही गई बात को स्वीकार करेंगे।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
37. भारत और इजराइल
एक वचन में भारत और इजराइल के बीच मित्रता की बात कही गई है।
38. मुस्लिम देशों और राजनीति में संघर्ष
एक भविष्यवाणी में मुस्लिम देशों में संघर्ष, राजा और प्रजा के बीच टकराव तथा राजनीतिज्ञों के जीवन में खतरे की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
39. आचरण और देश की दिशा
एक वचन में मांस, मछली, अंडा और शराब छोड़ने, रिश्वत और अनाचार समाप्त करने तथा हिंसक आंदोलनों से दूर रहने की बात कही गई है। ऐसा न होने पर देश की दिशा में बड़े परिवर्तन की बात कही गई है।
40. सूखा और अकाल
एक भविष्यवाणी में नदियों और बाँधों के सूखने, बिजली उत्पादन और कारखानों पर प्रभाव पड़ने तथा अकाल और अन्न की कमी की बात कही गई है।
41. समुद्र में तूफान
एक वचन में समुद्र में बड़े तूफान, इमारतों के नष्ट होने तथा बीमारियाँ फैलने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
42. विदेशों में जमा धन
एक भविष्यवाणी में विदेशों के बैंकों में भारतीयों के बहुत बड़े धन के जमा होने और भविष्य में ऐसे लोगों की सूची सामने आने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
43 चीनी के मूल्य के संबंध में
मार्च 1972 से संबंधित इस भविष्यवाणी में कहा गया है कि भविष्य में चीनी 5 रुपये प्रति किलो बिकेगी।
44. चीनी और चाय के मूल्य के संबंध में
एक भविष्यवाणी में कहा गया है कि भविष्य में एक रुपये में डेढ़ छटांक चीनी मिलेगी और एक छोटी प्याली चाय भी एक रुपये की होगी।
45. वकीलों के संबंध में
एक भविष्यवाणी में वकीलों के कचहरियों से हटाए जाने और उन्हें अन्य काम मिलने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
46. युद्ध में दैविक सहायता
एक वचन में युद्ध के मैदान में दैविक शक्तियों द्वारा भारत का साथ देने की बात कही गई है।
47. चीन-पाकिस्तान और युद्ध
एक भविष्यवाणी में चीन द्वारा पाकिस्तान को कीटाणु बम दिए जाने तथा युद्ध में उसके प्रयोग से संबंधित एक विशेष भविष्य-दृश्य बताया गया है।
इसे यहाँ ऐतिहासिक/वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि स्रोत में दिए गए भविष्यवाणी-वचन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
48. गौहत्या की सजा
एक वचन में भविष्य में गाय काटने वाले को 20 वर्ष की सजा मिलने की बात कही गई है।
49. कर्म और न्याय
एक भविष्यवाणी में कहा गया है कि अभी समझाने और क्षमा का अवसर है, लेकिन न्याय के समय मनुष्य को अपने कर्मों का परिणाम सामने मिलेगा।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
50. ईमानदार अधिकारियों को पद
एक वचन में सदाचार और न्याय-नीति का पालन करने वाले छोटे अधिकारियों के आगे बढ़ने और बड़े पद मिलने की बात कही गई है।
51. अध्यात्म और मानव धर्म
एक भविष्यवाणी में ऐसी धार्मिक संस्थाओं के समाप्त होने की बात कही गई है जो अध्यात्म से दूर हैं। अंत में सच्चे अध्यात्मवाद और मानव धर्म के रह जाने की बात कही गई है।
52. कोई भूखा न सोए
एक वचन में ऐसा समय आने की बात कही गई है जब गाँव के प्रत्येक घर में पूछा जाएगा कि खाने का राशन है या नहीं और जरूरतमंद को तुरंत राशन दिया जाएगा।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
53. चुंगी घर
एक भविष्यवाणी में शहरों और कस्बों में बने बेकार चुंगी घरों के समाप्त होने की बात कही गई है।
54. रिश्वत संबंधी कार्यालय
एक भविष्यवाणी में कहा गया है कि भविष्य में रिश्वत संबंधी कार्यालय खोले जाएंगे। इन कार्यालयों में रिश्वत लेने और देने वाले लोगों के नाम और पते दर्ज किए जाएंगे।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
55. युद्ध में मारे गए सैनिकों के परिवार
एक वचन में युद्ध में मारे गए अथवा अंग-भंग हुए सैनिकों की पत्नियों के लिए सहायता और सूचना की व्यवस्था की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
56. अनाज का महत्व
एक भविष्यवाणी में ऐसा समय आने की बात कही गई है जब लोग रुपये-पैसे और गहनों को छोड़कर अनाज प्राप्त करने के लिए संघर्ष करेंगे।
57. लोकतंत्र और हिंसा
एक वचन में लोकतांत्रिक व्यवस्था में गोलियों से होने वाली हिंसा का उल्लेख है। साथ ही 20 करोड़ लोगों के तैयार होने और गोलियाँ चलना बंद कराने की बात कही गई है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
58. भविष्य में बच्चों द्वारा संविधान
अंतिम भविष्यवाणी में कहा गया है कि भविष्य में बच्चे भारत का संविधान बनाएँगे और सभी लोगों को उसका पालन करना पड़ेगा।

बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
प्रमुख विषय
इन 58 वचनों को ध्यान से पढ़ने पर कई अलग-अलग विषय सामने आते हैं।
समाज और चरित्र — सदाचार, नशामुक्ति और नैतिक जीवन।
शाकाहार — मांस, मछली और अंडे के सेवन तथा पशु हत्या से संबंधित अनेक वचन।
शिक्षा — बच्चों, संस्कृत और रोजगार से संबंधित बातें।
किसान और गरीब — कर्ज, महँगाई, राशन और आर्थिक कठिनाइयों से संबंधित बातें।
प्रकृति — सूखा, अकाल, वर्षा, तूफान और भूकम्प जैसे प्रसंग।
राजनीति और शासन — सरकार, संविधान, चुनाव, राजनीतिक दल और प्रशासन से संबंधित अनेक कथन।
युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संबंध — भारत-पाकिस्तान, चीन, अमेरिका, इजराइल और अन्य देशों से संबंधित भविष्य-दृश्य।
आध्यात्मिकता — अंततः सच्चे अध्यात्म और मानव धर्म की ओर लौटने का संदेश।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ
भविष्यवाणी को कैसे पढ़ें?
इन वचनों को पढ़ते समय हमें दो बातों को अलग-अलग रखना चाहिए।
पहली बात—बाबा जयगुरुदेव जी से जुड़े ये प्रकाशित वचन क्या कहते हैं।
दूसरी बात—उनमें कही गई किसी बात की वर्तमान समय में क्या स्थिति है।
इन दोनों को एक नहीं मानना चाहिए।
किसी भविष्यवाणी का किसी वर्तमान घटना से मिलता-जुलता दिखाई देना अपने-आप में उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। इसलिए इन वचनों को उनके मूल संदर्भ में पढ़ना और समझना अधिक उचित है।
बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ-
बाबा जयगुरुदेव जी का मूल संदेश
इन भविष्यवाणियों के बीच भी बाबा जी के संदेश का एक महत्वपूर्ण पक्ष दिखाई देता है—मनुष्य अपने जीवन को सुधारने का प्रयास करे।
आप कहते थे कि मनुष्य को शाकाहार, सदाचार, नाम-साधना और अच्छे आचरण की ओर बढ़ना चाहिए।
भविष्य में क्या होगा, यह जानने की जिज्ञासा अपनी जगह है; लेकिन अपने वर्तमान जीवन को सही दिशा देना मनुष्य के हाथ में है।
इसीलिए इन वचनों को पढ़ते समय केवल भविष्य की घटनाओं पर ध्यान देने के बजाय अपने जीवन, आचरण और साधना पर भी विचार करना चाहिए।

बाबा जयगुरुदेव की भविष्यवाणियाँ-निष्कर्ष
बाबा जयगुरुदेव जी से जुड़े ये 58 भविष्यवाणी-वचन समाज, राजनीति, प्रकृति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, युद्ध, भोजन, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन जैसे अनेक विषयों को छूते हैं।
इनमें कही गई बातों को यहाँ उसी रूप में रखा गया है कि वे बाबा जी से जुड़े प्रकाशित भविष्यवाणी-वचन हैं। पाठक इन्हें पढ़कर स्वयं विचार कर सकता है कि इनका संदेश क्या है और समय के साथ घटनाओं को किस प्रकार समझा जाए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य की चिंता के साथ-साथ मनुष्य को आज के अपने जीवन को भी सुधारना चाहिए।
नाम-साधना करें।
शाकाहार अपनाएँ।
सदाचार रखें।
नशे से दूर रहें।
सत्संग से जुड़ें।
और मानवता के हित में जीवन जीने का प्रयास करें।
जयगुरुदेव।
