मौत के मुंह से निकलने के बाद मिला अद्भुत अनुभव

वर्ष 2012 की घटना है। उस समय हम बहुत ही बीमार थे और ऐसा लगता था जैसे मौत के मुंह से निकलकर आए हों। बीमारी की अवस्था में ही हम मथुरा के कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे।

हम अपने टेंट में खाट पर लेटे हुए थे। उसी समय किसी गुरुभाई ने आकर बताया कि स्वामी जी दर्शन दे रहे हैं। यह सुनकर हम टेंट से बाहर निकलकर प्राइमरी स्कूल की तिमुहानी पर जाकर खड़े हो गए।

कुछ ही देर में स्वामी जी की गाड़ी वहाँ से आने लगी। दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में अचानक ऐसा धक्का लगा कि हम स्वामी जी की गाड़ी के ठीक आगे आ गए। देखते ही देखते स्वामी जी की गाड़ी का चक्का हमारे पंजे के ऊपर से गुजर गया।

उस समय हमें लगा कि हमारा पैर खत्म हो गया होगा। लेकिन आश्चर्य की बात यह रही कि हमें कुछ भी नहीं हुआ। हमें ऐसा महसूस हुआ, जैसे पैर के ऊपर से कोई फूल गुजर गया हो।

यह घटना आज भी हमारे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। बीमारी की अवस्था में स्वामी जी के दर्शन केलिए पहुँचना और फिर इस प्रकार सुरक्षित बच जाना, हमारे लिए गुरु महाराज की विशेष कृपा का अनुभव रहा।

— संजय ठाकुर
मुजफ्फरपुर, बिहार

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *